वीरता की मिसाल CRPF सहायक कमांडेंट अजय मलिक ने नक्सल ऑपरेशन के दौरान IED विस्फोट में गंवाया पैर; AIIMS में चल रहा इलाज
हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव के रहने वाले CRPF के सहायक कमांडेंट अजय मलिक पश्चिम बंगाल के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट में उनका एक पैर घुटने के नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल उनका इलाज दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
नक्सल ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट
जानकारी के अनुसार अजय मलिक अपनी टीम के साथ पश्चिम बंगाल के सारंडा जंगल क्षेत्र में नक्सल विरोधी ऑपरेशन पर थे। तड़के करीब पांच बजे सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
मुठभेड़ के दौरान अजय मलिक अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे थे और जवानों के साथ बहादुरी से जवाबी कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर एक लैंड माइन पर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल होने के बावजूद संभाला मोर्चा
आईईडी विस्फोट में घायल होने के बावजूद अजय मलिक ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मौके पर मौजूद जवानों को सुरक्षित मोर्चा संभालने के निर्देश दिए और जवाबी कार्रवाई जारी रखने को कहा।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10 बजे हुई दूसरी मुठभेड़ में सीआरपीएफ के कांस्टेबल विक्रम यादव भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स रेफर कर दिया गया।
पिता बोले – बेटे की बहादुरी पर गर्व
अजय मलिक के पिता आजाद मलिक ने बताया कि वे एम्स में बेटे से मिलकर आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है, हालांकि फिलहाल ज्यादा लोगों को मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि बेटे की बहादुरी पर पूरे परिवार को गर्व है और देश की सेवा करना ही उसके जीवन का उद्देश्य रहा है।
पहले भी मिल चुके हैं वीरता सम्मान
अजय मलिक को इससे पहले भी कई बार असाधारण साहस के लिए सम्मानित किया जा चुका है। कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में बहादुरी दिखाने पर उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा जम्मू में खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस से कई लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति जीवन रक्षा पदक भी मिल चुका है। झारखंड में कई बड़े नक्सली कमांडरों के खिलाफ अभियानों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परिवार भी राष्ट्रसेवा में समर्पित
अजय मलिक की पत्नी पूजा मलिक भी सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट हैं। दोनों का जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित है।

