CISF के 111 जवानों को HRA मामले में बड़ी राहत, कोर्ट के आदेश लागू करने के निर्देश
नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 111 सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों से जुड़े हाउस रेंट अलाउंस (HRA) मामलों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। CISF मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, गृह मंत्रालय (MHA) ने दिल्ली हाईकोर्ट के 21 मई 2026 और 26 मई 2026 के आदेशों को संबंधित याचिकाकर्ताओं के मामले में लागू करने का निर्देश दिया है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा गया है।
111 CISF जवानों ने किया था कोर्ट का रुख
देश की विभिन्न CISF यूनिटों में तैनात या पूर्व में तैनात 111 जवानों ने कम HRA दिए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। इनमें मुख्य रूप से ASG Delhi, DMRC Delhi के साथ ही Kolkata, Goa, Pune, Chennai, Ahmedabad, Navi Mumbai, Greater Noida, Varanasi, Cochin और अन्य स्थानों से जुड़े जवान शामिल हैं।
इन मामलों में मुख्य मांग उस अवधि के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत HRA देने की थी, जब संबंधित जवान पारिवारिक आवास के पात्र थे, लेकिन उन्हें ऐसा आवास उपलब्ध नहीं कराया गया था। कुछ मामलों में TA/DA, Transport Allowance और अन्य संबंधित लाभों की मांग भी की गई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 110 याचिकाएं की थीं मंजूर
दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 मई 2026 के अपने आदेश में 110 रिट याचिकाओं को स्वीकार करते हुए संबंधित याचिकाकर्ताओं को देय राशि जारी करने का निर्देश दिया था। दस्तावेज के अनुसार, कोर्ट ने भुगतान के लिए तीन महीने की अवधि निर्धारित की थी।
इसके बाद Ravi Kumar Sahu/Sahni बनाम Union of India & Ors. से जुड़े एक अन्य मामले में 26 मई 2026 को अलग आदेश पारित किया गया। इसमें भी कोर्ट ने पहले के फैसलों के आधार पर याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित राशि जारी करने का निर्देश दिया।
पुराने फैसलों को बनाया गया आधार
दस्तावेज में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने Jaspal Singh Mann बनाम Union of India के फैसले और बाद में सुप्रीम कोर्ट के Paramisivan M. मामले में आए निर्णय को महत्वपूर्ण आधार माना। हाईकोर्ट ने यह भी माना कि CISF Rules, 2001 के Rule 61 और संबंधित Office Memorandum के आधार पर विभाग की आपत्ति पहले के निर्णयों में विचार कर खारिज की जा चुकी थी और उसे इन मामलों में दोबारा नहीं उठाया जा सकता।
करीब 70.85 लाख रुपये की वित्तीय देनदारी
CISF के आदेश में सभी 111 मामलों को लागू करने पर होने वाले वित्तीय प्रभाव का भी आकलन दिया गया है। संबंधित सेक्टरों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कुल वित्तीय देनदारी लगभग 71 लाख रुपये बताई गई है। दस्तावेज में इसका कुल आंकड़ा ₹70,85,164 दर्ज है।
गृह मंत्रालय ने दिए आदेश लागू करने के निर्देश
मामले को सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर गृह मंत्रालय के पास परीक्षण और आगे के निर्देश के लिए भेजा गया था। दस्तावेज के मुताबिक, MHA ने मामले की जांच के बाद 21 मई और 26 मई 2026 के न्यायिक आदेशों को याचिकाकर्ताओं के संबंध में लागू करने का निर्देश दिया।
इसके बाद CISF की संबंधित अथॉरिटीज से आगे की कार्रवाई करने और उसकी compliance report मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। मामले को “Most Urgent Being a Court Matter” के रूप में लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या सभी CISF जवानों को अपने-आप मिलेगा अतिरिक्त 5% HRA?
यहां एक बात महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आदेश में कार्रवाई इन 111 याचिकाकर्ताओं के मामलों में करने की बात कही गई है। इसलिए इस दस्तावेज के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि CISF के प्रत्येक जवान को स्वतः अतिरिक्त 5 प्रतिशत HRA मिल गया है।
फिलहाल सबसे बड़ी बात यह है कि लंबे समय से चले आ रहे इन 111 HRA मामलों में कोर्ट के आदेश लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है और MHA की ओर से भी implementation का निर्देश दिया जा चुका है।

