CRPF में आत्महत्या के मामलों पर NHRC सख्त, 2026 में 19 जवानों की मौत पर लिया स्वतः संज्ञान
नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में जवानों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीर रुख अपनाया है। आयोग ने जनवरी से 22 मई 2026 के बीच 19 CRPF कर्मियों की आत्महत्या से हुई मौत की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया है। यह जानकारी NHRC ने 14 अगस्त 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दी।
NHRC ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह सचिव और CRPF के महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही हैं, तो यह देश के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में कार्यरत कर्मियों के जीवन के अधिकार से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।
2025 में CRPF में 59 जवानों ने की आत्महत्या
NHRC के अनुसार, CRPF द्वारा संकलित आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 में 59 CRPF कर्मियों ने आत्महत्या की। आयोग के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में यह सबसे अधिक संख्या बताई गई है।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं—
- 2021: 57 आत्महत्याएं
- 2022: 43 आत्महत्याएं
- 2023: 57 आत्महत्याएं
- 2024: 46 आत्महत्याएं
- 2025: 59 आत्महत्याएं
इन पांच वर्षों में कुल 281 CRPF कर्मियों की आत्महत्या से मौत होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इनमें लगभग 216 कर्मी ड्यूटी पर थे।
2026 में पांच महीने से भी कम समय में 19 मौतें
NHRC ने जिस रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, उसके मुताबिक जनवरी 2026 से 22 मई 2026 के बीच 19 CRPF कर्मियों ने आत्महत्या की। यानी वर्ष के शुरुआती पांच महीनों से भी कम समय में इतनी बड़ी संख्या में कर्मियों की मौत ने आयोग का ध्यान आकर्षित किया है।
आयोग ने कहा कि CRPF देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है और इसके कर्मी देश की आंतरिक सुरक्षा से लेकर आतंकवाद-रोधी अभियानों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में कर्मियों के जीवन और कल्याण से जुड़े मामलों को गंभीरता से देखना जरूरी है।
गृह मंत्रालय और CRPF DG से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
NHRC ने गृह सचिव, गृह मंत्रालय और CRPF महानिदेशक से मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दोनों अधिकारियों को आयोग के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
अब आयोग की कार्रवाई के बाद यह महत्वपूर्ण होगा कि रिपोर्ट में आत्महत्या के मामलों से जुड़े कारणों, कर्मियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
लगातार सामने आ रहे आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
CRPF में आत्महत्या के आंकड़ों में साल-दर-साल उतार-चढ़ाव जरूर रहा है, लेकिन 2025 में 59 मौतों का आंकड़ा पांच साल के उपलब्ध आंकड़ों में सबसे अधिक रहा। 2026 में भी शुरुआती महीनों में 19 मौतों की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह विषय एक बार फिर गंभीर चर्चा में आ गया है।
NHRC की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब CAPF कर्मियों के मानसिक दबाव, लंबे समय तक परिवार से दूर रहने, कठिन क्षेत्रों में तैनाती, परिचालन संबंधी तनाव और सेवा से जुड़ी अन्य चुनौतियों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
फिलहाल NHRC ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। दो सप्ताह में मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे क्या कार्रवाई करता है, इस पर अब नजर रहेगी।

