गृह मंत्रालय ने संभाली पूर्व-अग्निवीरों के भविष्य की कमान: नए विभाग और सेल का हुआ गठन
केंद्र सरकार ने ‘अग्निवीरों’ के सेवाकाल के बाद उनके करियर और पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब पूर्व-अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के करियर की प्रगति और उनसे जुड़ी गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर गृह मंत्रालय (MHA) को सौंप दी गई है।
नियमों में हुआ संशोधन
भारत सरकार (व्यवसाय का आवंटन) नियम, 1961 में संशोधन के माध्यम से यह बदलाव किया गया है। कैबिनेट सचिवालय द्वारा 16 जून, 2025 को जारी अधिसूचना (S.O.2701(E)) के अनुसार, पूर्व-अग्निवीरों की उन्नति के लिए समन्वय गतिविधियों का विषय अब गृह मंत्रालय के कार्यक्षेत्र में आएगा।
विशेष विंग और सेल की स्थापना
पूर्व-अग्निवीरों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने और उनके पुनर्वास की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गृह मंत्रालय के भीतर दो महत्वपूर्ण निकायों का गठन किया गया है:
- समर्पित पूर्व-अग्निवीर विंग (Dedicated Ex-Agniveer Wing)
- पूर्व-अग्निवीर सेल (Ex-Agniveer Cell)
इनका मुख्य उद्देश्य पूर्व-अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए नीतियों का निर्धारण करना, उनकी निगरानी करना और विभिन्न विभागों के बीच सुचारू समन्वय स्थापित करना है।
”पूर्व-अग्निवीरों की प्रगति के लिए गृह मंत्रालय में एक समर्पित विंग और सेल का निर्माण किया गया है ताकि उनके पुनर्वास और करियर की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके।”
— नित्यानंद राय, गृह राज्य मंत्री
यह जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में साझा की।


