ITBP के डिप्टी कमांडेंट का बेटा 10 ग्राम ‘आइस’ के साथ गिरफ्तार, ऐशो-आराम के लिए बना ड्रग तस्कर
चंडीगढ़ पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक वरिष्ठ अधिकारी के बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अभिषेक चंदेल के रूप में हुई है, जिसके पास से 10.1 ग्राम ‘आइस’ (मेथम्फेटामाइन) बरामद की गई है।
फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़ा
पुलिस के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि जीरकपुर के बलटाना का रहने वाला एक युवक आई-20 कार में नशे की खेप लेकर चंडीगढ़ आने वाला है। सूचना के आधार पर एएनटीएफ की टीम ने सेक्टर-28 और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी। जब संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया, तो आरोपी ने कार रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर कुछ ही दूरी पर उसे चारों तरफ से घेर लिया। कार की तलाशी लेने पर आरोपी के पास से प्रतिबंधित ‘आइस’ बरामद हुई।
परिवार में उच्च पदों पर हैं माता-पिता
गिरफ्तारी के बाद जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी अभिषेक चंदेल के पिता असम में ITBP में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। वहीं, उसकी मां भी इसी बल में नोएडा में कार्यरत बताई जा रही हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने बीटेक की पढ़ाई की है और वह ऑनलाइन काम करता था।
तस्करी की वजह: महंगे शौक और खर्च
पूछताछ के दौरान अभिषेक ने कबूल किया कि ऑनलाइन काम से होने वाली कमाई उसके महंगे शौक और निजी खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। अपनी विलासिता पूर्ण जीवनशैली को बनाए रखने के लिए उसने कम समय में अधिक पैसा कमाने का रास्ता चुना और ड्रग्स की तस्करी शुरू कर दी।
अगली कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि अभिषेक नशे की यह खेप कहाँ से लाया था और चंडीगढ़ में उसके ग्राहकों का नेटवर्क कितना बड़ा है।

