SSB ने शराब की लत से ग्रस्त जवानों पर की सख्त कार्रवाई, सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू
नई दिल्ली। नेपाल और भूटान से लगी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करने वाली सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपने बल में शराब की दीर्घकालिक (क्रॉनिक) लत से ग्रस्त जवानों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। बल ने अब तक ऐसे कम से कम 50 मामलों की पहचान की है, जिनमें जवानों को अल्कोहल डिपेंडेंस सिंड्रोम (ADS) से पीड़ित पाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में 8 से 10 जवानों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह कार्रवाई उन कर्मियों के खिलाफ की जा रही है जो कई वर्षों से शराब की गंभीर लत से जूझ रहे हैं और इलाज के बावजूद उनमें सुधार नहीं हो रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जवान खुद की सुरक्षा, साथियों और आम जनता के लिए खतरा बन सकते हैं। शराब न मिलने की स्थिति में वे खुद को या दूसरों को नुकसान पहुंचाने जैसे चरम कदम उठा सकते हैं। चूंकि SSB की हर यूनिट में हथियार उपलब्ध होते हैं, इसलिए यह जोखिम और बढ़ जाता है।
SSB के महानिदेशक संजय सिंघल ने हाल ही में बल की समीक्षा के दौरान इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। तय प्रक्रिया के तहत पहले चिकित्सकीय जांच की जाती है, जिसमें संबंधित जवान की मेडिकल कैटेगरी घटाकर लो मेडिकल कैटेगरी (LMC) में डाला जाता है। LMC में रखे गए कर्मियों को ऑपरेशनल ड्यूटी नहीं दी जाती।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नेपाल और भूटान सीमा पर तैनाती के दौरान जवानों का आम जनता से नियमित संपर्क रहता है, ऐसे में शराब की गंभीर लत से ग्रस्त कर्मियों की मौजूदगी सुरक्षा और अनुशासन दोनों के लिए घातक हो सकती है। इसलिए, जिन जवानों पर लंबे समय से इलाज का कोई असर नहीं हो रहा है, उनकी सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की परिभाषा के अनुसार, शराब पर निर्भर व्यक्ति अपना पूरा दिन शराब प्राप्त करने, उसका सेवन करने और उसके प्रभाव को महसूस करने की योजना के इर्द-गिर्द तय करता है। नुकसान की जानकारी होने के बावजूद शराब का सेवन जारी रखना भी शराब पर निर्भरता का स्पष्ट संकेत है।
करीब 90,000 जवानों की ताकत वाला SSB, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन, नेपाल सीमा पर 1,751 किलोमीटर और भूटान सीमा पर 699 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। बल का कहना है कि अनुशासन, सतर्कता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

