मां का प्यार : जम्मू में शहीद BSF जवान गुरनाम सिंह की प्रतिमा पर मां ने सर्दी से बचाने के लिए कंबल ओढ़ाया
आर एस पुरा सेक्टर में शहीद गुरनाम चौक पर स्थापित BSF के शहीद जवान कांस्टेबल गुरनाम सिंह की प्रतिमा इन दिनों देशभर में भावनाओं का प्रतीक बन गई है। वर्ष 2016 में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए मात्र 26 वर्ष की उम्र में शहीद हुए गुरनाम सिंह की प्रतिमा पर उनकी मां जसवंत कौर द्वारा ओढ़ाई गई सर्दियों की कंबल ने लोगों के दिलों को छू लिया है।
कांच के फ्रेम में सुरक्षित यह प्रतिमा शौर्य और बलिदान की मिसाल है, लेकिन मां जसवंत कौर के लिए यह कोई स्मारक नहीं, बल्कि उनका बेटा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह लगभग रोज़ यहां आती हैं, प्रतिमा के शीशे को साफ करती हैं, आधार को पोंछती हैं और पूरे स्मारक की देखभाल करती हैं। हर दिन उनका यह शांत और भावुक रूटीन लोगों को भीतर तक झकझोर देता है।
कुछ समय पहले मां ने ठंड से बचाने के लिए प्रतिमा पर कंबल ओढ़ा दिया। यह दृश्य राहगीरों की नजरों में आया तो कई लोग भावुक हो उठे। स्थानीय निवासी शेर सिंह ने कहा, “यह कोई भाषण या औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक मां का स्वाभाविक स्नेह था, जो प्रेम, पीड़ा और स्मृति को बयां कर गया।”
प्रतिमा पर कंबल ओढ़े हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिन पर हजारों भावनात्मक प्रतिक्रियाएं आईं। लोगों ने महसूस किया कि देश जहां शहीदों को सरकारी सम्मान देता है, वहीं उनके परिवारों का दर्द और त्याग अक्सर अनदेखा रह जाता है।
शहीद के पिता कुलबीर सिंह ने कहा कि मां का दिल कभी नहीं बदलता।
उन्होंने कहा, “मां तो मां होती है, बेटा जीवित हो या नहीं। कभी वह चुपचाप रोती है, तो कभी खुद खाना छोड़ देती है।”
उन्होंने बताया कि सर्दियों के चार महीनों में प्रतिमा पर गर्म कंबल और बाकी समय हल्का कंबल ओढ़ाया जाता है। परिवार को अपने बेटे के बलिदान पर गर्व है।
गौरतलब है कि कांस्टेबल गुरनाम सिंह को राष्ट्रपति पुलिस पदक (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया था। अक्टूबर 2016 की 19-20 की रात कठुआ जिले के हिरानगर सेक्टर में उन्होंने छह भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया था। इस दौरान उन्होंने एक आतंकी को ढेर किया और बाकी को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। दो दिन बाद सीमा पार से आतंकियों की गोलीबारी में वह वीरगति को प्राप्त हो गए।


Shat shat naman ……apko …..mere gaon ke hain ye beer sainik