अब जिला स्तर पर मिलेगा समाधान: CAPFs व असम राइफल्स के लिए WARB ने देशभर में नियुक्ति किए जिला कल्याण अधिकारी
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन वेलफेयर एंड रिहैबिलिटेशन बोर्ड (WARB) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) एवं असम राइफल्स के सेवारत, सेवानिवृत्त, शहीद एवं दिव्यांग कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत देश के सभी जिलों को कवर करने के उद्देश्य से जिला कल्याण अधिकारियों (District Welfare Officers – DWO) की नामांकन प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई है।
यह आदेश 23 दिसंबर 2025 को जारी किया गया, जो WARB की एपेक्स बॉडी की बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर लागू किया गया है। बैठक में सभी संबंधित बलों के प्रतिनिधियों की सहमति से यह तय किया गया कि जिला स्तर पर एक मजबूत और सक्रिय कल्याण तंत्र विकसित किया जाए, जिससे जरूरतमंद कर्मियों और उनके परिवारों तक सहायता सीधे पहुंचे।
सभी जिलों में कल्याण व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
WARB के अनुसार, जिला कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहीद जवानों की विधवाओं, दिव्यांग कर्मियों, सेवानिवृत्त जवानों और उनके आश्रितों को पेंशन, चिकित्सा, पुनर्वास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। अब इन मामलों के लिए जिला स्तर पर ही समन्वय और निगरानी की व्यवस्था होगी।
जिला कल्याण अधिकारी की प्रमुख जिम्मेदारियां
आदेश में जिला कल्याण अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- शहीद, दिव्यांग एवं सेवानिवृत्त CAPFs और असम राइफल्स कर्मियों तथा उनके आश्रितों का अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखना
- पेंशन वितरण, सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य वित्तीय मामलों की निगरानी और समाधान
- चिकित्सा सुविधाओं, वैकल्पिक रोजगार, स्वरोजगार योजनाओं और व्यावसायिक प्रशिक्षण से संबंधित सहायता सुनिश्चित करना
- जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना
- प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना से जुड़े मामलों की निगरानी और अग्रसारण
- विधवाओं एवं आश्रितों के लिए पुनर्वास और पुनर्स्थापन (Resettlement) में सहयोग
- सामाजिक एवं कल्याणकारी संगठनों के साथ संपर्क कर अतिरिक्त सहायता संसाधन जुटाना
- अदालतों में लंबित मामलों में WARB एवं गृह मंत्रालय की ओर से समन्वय और प्रतिनिधित्व
इस नई व्यवस्था से यह उम्मीद की जा रही है कि शहीद परिवारों और पूर्व जवानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला स्तर पर ही उनकी समस्याओं का पंजीकरण, निगरानी और समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
WARB ने प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए
WARB ने संबंधित अधिकारियों से यह भी कहा है कि जिला कल्याण अधिकारियों की जानकारी सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मियों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सीधे संपर्क कर सकें और कल्याण योजनाओं का लाभ उठा सकें।




