CRPF ने 2019 से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित किए 229 फॉरवर्ड बेस, केंद्र ने 2026 की समय सीमा तय की
नई दिल्ली, 23 दिसंबर 2025: केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है और इसी रणनीति के तहत केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने 2019 से अब तक कुल 229 फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOBs) नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थापित किए हैं।
ये बेस छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना जैसे प्रमुख नक्सल प्रभावित राज्यों में बनाए गए हैं। FOBs का उद्देश्य उन दूरदराज और घने जंगलों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति बढ़ाना है, जिन्हें पहले नक्सल टीमों का गढ़ माना जाता था।
इस साल अब तक 59 FOBs बनाए गए हैं, जिनमें से छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 32 बेस हैं। इसके अलावा झारखंड और मध्य प्रदेश में नौ-नौ, महाराष्ट्र और ओडिशा में चार-चार तथा तेलंगाना में एक बेस स्थापित किया गया है।
FOBs को हमेशा के लिए या दीर्घकालिक रूप से रखा जाता है और इसमें आवास, संचार, चिकित्सा और लॉजिस्टिक सुविधाएं होती हैं ताकि जवान लंबे समय तक वहां तैनात रहकर क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रख सकें। इन बेसों के कारण सुरक्षा बलों को इलाके में निरंतर गश्त, बेहतर खुफिया जानकारी और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय में मदद मिली है।
सरकार का यह मानना है कि FOBs की मौजूदगी से नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशनों की गति तेज हुई है, नक्सल प्रभावित इलाकों में शासन-व्यवस्था बहाल हुई है और विकास कार्यों जैसे सड़क, मोबाइल कनेक्टिविटी और कल्याण योजनाओं को लागू करना आसान हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के आंकड़ों के अनुसार LWE प्रभावित जिलों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार घटकर अब बहुत कम रह गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि नक्सलवाद नियंत्रित हो रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने आगामी समय में और प्रभावी कार्रवाइयों की योजना बनाई है ताकि राष्ट्रव्यापी रूप से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

