8th Pay Commission: सरकार ने किया स्पष्ट , बेसिक पे में DA मर्ज करने की फिलहाल कोई योजना नहीं
केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में साफ कर दिया कि केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह बयान 8वें वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर चल रही चर्चाओं और अफवाहों के बीच आया है।
DA को बेसिक में मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं
लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वर्तमान में महंगाई भत्ते को बेसिक पे में मिलाने से जुड़ा कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।
उन्होंने कहा, “मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक वेतन के साथ मर्ज करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।”
8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ने के कारण कई कर्मचारी महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए अंतरिम राहत की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि अभी ऐसी किसी राहत पर भी विचार नहीं हो रहा है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि DA और पेंशनर्स को मिलने वाला DR वर्तमान खुदरा महंगाई की दर के मुकाबले पर्याप्त नहीं है।
यूनियनों की मांग – 50% DA मर्ज किया जाए
कई कर्मचारी संघों ने 50 प्रतिशत DA को बेसिक वेतन में जोड़ने की मांग उठाई है। उनका तर्क है कि नवंबर में सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी किए जाने के बाद यह कदम और भी आवश्यक हो गया है।
संगठनों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी लगभग तीन दशक में सबसे अधिक महंगाई का सामना कर रहे हैं, इसलिए DA मर्ज आवश्यक है।
सोशल मीडिया पर वायरल FAKE मैसेज का सरकार ने किया खंडन
सरकार ने एक वायरल संदेश को भी खारिज किया जिसमें दावा किया गया था कि वित्त अधिनियम 2025 के तहत सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को अब DA वृद्धि और भविष्य के वेतन आयोगों का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि केवल CCS (Pension) Rules, 2021 के Rule 37 में संशोधन किया गया है, जो सिर्फ एक छोटे समूह—PSU में समायोजित (absorbed) कर्मचारियों—से जुड़ा है।
संशोधन सिर्फ विशेष श्रेणी पर लागू
नए नियम के तहत, यदि कोई समायोजित PSU कर्मचारी गंभीर दुराचार (misconduct) के कारण बर्खास्त किया जाता है, तो उसकी सेवानिवृत्ति लाभ जब्त किए जा सकते हैं।
यह संशोधन सामान्य पेंशनभोगियों के DA, DR या भविष्य के वेतन आयोग लाभों पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं डालता।
अधिकारियों ने बताया कि यह संशोधन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग और वित्त मंत्रालय से परामर्श के बाद किया गया है तथा इसका अन्य पेंशनरों के हितों से कोई संबंध नहीं है।




