NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)

देशभक्ति और सूचना का सशक्त मंच

NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)

देशभक्ति और सूचना का सशक्त मंच

CISF NEWS

संसद सुरक्षा के लिए CISF ने बदली पोस्टिंग पॉलिसी, कार्यकाल अब चार वर्ष – सुरक्षा और तैयारियों में होगा बड़ा सुधार

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर (PHC) की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक व्यापक, स्थायी और सक्षम बनाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपनी पोस्टिंग पॉलिसी में बड़ा सुधार किया है। यह बदलाव CISF की क्षमता-वृद्धि योजना का हिस्सा है, जिसके तहत संसद सुरक्षा में तैनात जवानों और अधिकारियों का कार्यकाल अब तीन वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही एक वर्ष के अतिरिक्त विस्तार का प्रावधान भी रखा गया है, जो पात्रता और प्रदर्शन के आधार पर दिया जाएगा।

हर वर्ष तय अनुपात में होगा रोटेशन

CISF अधिकारियों के अनुसार, निरंतरता बनाए रखते हुए तैनाती में नई ऊर्जा और ताजगी लाने के लिए संकलित बल का एक निश्चित अनुपात हर वर्ष बदला जाएगा। यह पहली बार है जब किसी सरकारी प्रतिष्ठान की सुरक्षा में CISF ने ऐसा संरचित रोटेशन मॉडल लागू किया है।

संसद सुरक्षा संचालन में दक्षता बढ़ेगी

बढ़ा हुआ कार्यकाल जवानों को संसद की कार्यप्रणाली, सदस्यों की आवाजाही और सुरक्षा प्रोटोकॉल से बेहतर परिचित कराएगा, जिससे पहचान, एक्सेस कंट्रोल और रियल-टाइम थ्रेट रिस्पांस में और अधिक सटीकता आने की उम्मीद है।

कड़े पात्रता मानदंड

नई गाइडलाइंस के तहत PHC ड्यूटी के लिए चयनित होने वाले सभी गज़ेटेड (GO) और नॉन-गज़ेटेड (NGO) अधिकारियों/कर्मचारियों को निम्न मानदंड अनिवार्य रूप से पूरा करने होंगे–

  • SHAPE-I मेडिकल कैटेगरी
  • स्वच्छ सेवा रिकॉर्ड
  • कोई अनुशासनात्मक या सतर्कता लंबित मामला नहीं
  • कम से कम दो विशेष प्रशिक्षण कोर्स
  • पदानुसार आयु-सीमा का अनुपालन

बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया

सुरक्षा के इस संवेदनशील दायित्व के लिए CISF ने चयन को और सख्त करते हुए मल्टी-स्टेज स्क्रीनिंग अनिवार्य की है। इसमें शामिल हैं—

  • मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
  • बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (BPET)
  • संसद-विशिष्ट इंडक्शन ट्रेनिंग
  • संपूर्ण सुरक्षा क्लियरेंस
    सभी चरणों में सफल होने वाले कर्मियों को ही PHC में तैनाती मिलेगी।

उन्नत प्रशिक्षण और नियमित ड्रिल्स

CISF ने बताया कि संसद परिसर में तैनात सभी कर्मियों के लिए निरंतर प्रशिक्षण व्यवस्था लागू है। इसमें शामिल हैं—

  • ऑन-साइट और ऑफ-साइट सत्र
  • CBRN (Chemical, Biological, Radiological, Nuclear) घटनाओं, आतंकी हमले, ड्रोन खतरे, साइबर अटैक, बम धमकी और निकासी अभियानों की सिमुलेशन ड्रिल
  • नाइट फायरिंग अभ्यास
  • मासिक सरप्राइज ड्रिल

इस वर्ष CISF ने दिल्ली पुलिस, फायर सर्विसेज, IB, NSG, NDRF और NDMC के साथ 12 मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल्स भी की हैं।

अधिकारियों के अनुसार, संसद सुरक्षा में तैनात सभी कर्मियों का वार्षिक मनोवैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा, जबकि QRT कर्मियों का BPET हर महीने जारी रहेगा।

संसद सुरक्षा की कमान CISF के हाथों में और मजबूत

दिसंबर 2023 की घटना के बाद व्यापक सुरक्षा समीक्षा के उपरांत CISF ने 20 मई 2024 तक चरणबद्ध तरीके से संसद सुरक्षा की सभी कोर लेयर्स की जिम्मेदारी संभाल ली थी।
इसमें शामिल हैं–

  • एक्सेस कंट्रोल
  • परिधि एवं आंतरिक सुरक्षा
  • काउंटर-टेरर प्रतिक्रिया
  • बम-खतरा प्रबंधन
  • फायर एवं आपदा तैयारी

3,300 से अधिक कर्मियों, जिनमें 200+ फायर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट विशेषज्ञ शामिल हैं, को तैनात कर CISF ने संसद में एयरपोर्ट-स्टाइल सुरक्षा लागू की है।

भविष्य के खतरों से निपटने को तैयार CISF

बल ने ड्रोन-रोधी तकनीक, साइबर सुरक्षा, CBRN प्रतिक्रिया और NSG एवं भारतीय सेना की विशेष इकाइयों के साथ बैटल-इनोक्यूलेशन ट्रेनिंग को और मजबूत किया है।

अधिकारियों ने कहा,
“संशोधित पोस्टिंग पॉलिसी और उन्नत प्रशिक्षण उपायों के साथ CISF संसद सुरक्षा को उच्चतम मानकों पर बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

CISF का यह कदम संसद सुरक्षा को और अधिक आधुनिक, संवेदनशील और भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Spread the love

Editorial Desk – News of Paramilitary

Editorial Desk, News of Paramilitary, covers verified news, policy updates and field reports related to India’s Paramilitary Forces. Content is published following strict editorial standards.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page