लोकसभा में 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट: पेंशन नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं,18 महीने में आयोग देगा सिफारिशें।
लोकसभा में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। लिखित प्रश्न संख्या 1605 के जवाब में वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान पेंशन नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर प्रस्तुत करेगा।
यह प्रश्न सांसद आनंद भदौरिया द्वारा पूछा गया था, जिसमें यह जानना चाहा गया था कि क्या वित्त विधेयक 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार को सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर पेंशनभोगियों के बीच अंतर करने का अधिकार दिया गया है और क्या 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से पेंशनरों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव किया जा सकता है।
पेंशन नियमों में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली, 2021 (पूर्ववर्ती सीसीएस पेंशन नियमावली, 1972) और केंद्रीय सिविल सेवा (असाधारण पेंशन) नियमावली, 2023 के तहत संचालित होती है।
वित्त अधिनियम, 2025 के भाग-IV के तहत मौजूदा पेंशन नियमों को विधिक मान्यता दी गई है, लेकिन इससे वर्तमान सिविल या रक्षा पेंशन में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
सरकार ने यह भी कहा कि केंद्रीय वेतन आयोग एक विशेषज्ञ निकाय है, जो विभिन्न श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन, भत्ते और पेंशन संबंधी सिफारिशें करता है। पेंशन संशोधन आयोग की स्वीकृत सिफारिशों के आधार पर सामान्य आदेशों के माध्यम से लागू किया जाता है।
8वें वेतन आयोग का गठन
सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) के गठन को 3 नवंबर 2025 के संकल्प के माध्यम से अधिसूचित कर दिया है। आयोग को अपने गठन की तिथि से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी।
8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन आदि पर सुझाव देने के लिए अधिकृत किया गया है।
क्या 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
सरकार ने स्पष्ट किया कि पेंशन संशोधन और अन्य लाभ आयोग की सिफारिशों तथा सरकार के निर्णय पर निर्भर करेंगे। फिलहाल मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस प्रकार लोकसभा में दिए गए जवाब से यह स्पष्ट है कि अभी पेंशन नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर अब आयोग की रिपोर्ट पर टिकी है।

